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जिंदा बच्चे को मरा बताकर फंसा MAX अस्पताल, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

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नई दिल्ली । मैक्स अस्पताल में जीवित नवजात को मुर्दा बताने के मामले की जांच सोमवार तक पूरी हो जाएगी। मामले में अस्पताल प्रशासन की ओर से जांच के लिए घटना के दिन ही एक टीम गठित कर दी गई थी। इस टीम में अस्पताल के विशेषज्ञ डॉक्टरों के अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आइएमए) के नीति संबंधी कमेटी के अध्यक्ष डॉ. अरुण अग्रवाल व आइएएम के संयुक्त सचिव डॉ. रमेश दत्ता को बाहरी विशेषज्ञ के तौर पर शामिल किया गया है।

टीम के सदस्यों ने परिजनों से भी विस्तार से जानकारी ली है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि यह टीम मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और चार दिसंबर तक इसकी जांच रिपोर्ट अस्पताल प्रशासन को सौंप दी जाएगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

परिजनों का धरना प्रदर्शन जारी

रविवार को चौथे दिन भी शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल के बाहर नवजात के परिजनों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। जिसके मद्देनजर अस्पताल के बाहर व अंदर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शन में कई सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता भी भाग ले रहे हैं।

परिजनों ने बताया कि जब तक पुलिस आरोपी डॉक्टरों को गिरफ्तार नहीं करेगी, तब उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। शनिवार की रात को भी पुलिस ने धरना स्थल से लोगों को हटाने की कोशिश की।

उन्होंने मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद करने की मांग करते हुए कहा कि इस मामले के लिए जिम्मेदार डॉक्टरों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।

रद हो सकता है अस्पताल का लाइसेंस

शालीमार बाग स्थित मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद हो सकता है। दिल्ली सरकार जिंदा बच्चे को मृत घोषित करने के मामले की जांच कर रही है दोषी पाए जाने पर मैक्स अस्पताल का लाइसेंस रद होगा। इसकी प्राथमिक जांच रिपोर्ट सोमवार शाम तक आएगी। इसके बाद एक सप्ताह में स्वास्थ्य विभाग विस्तृत रिपोर्ट देगा। उस रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

यह नोटिस ईडब्ल्यूएस मरीजों के ट्रीटमेंट में गड़बड़ी के खिलाफ जारी किया गया था। बता दें कि एक दिसंबर को दिल्ली के शालीमार बाग इलाके के मैक्स अस्पताल ने 30 नवंबर को जन्मे दो जुड़वा बच्चों को मृत घोषित कर दिया था। बच्चे को अंतिम संस्कार के लिए ले जाने के दौरान परिजनों को अहसास हुआ कि एक बच्चा जिंदा है।

मामले में आइपीसी की धारा 308 के तहत केस दर्ज कर लिया गया था। इस घटना के बाद मैक्स हेल्थकेयर अथॉरिटी ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया था और मामले से जुड़े डॉक्टर को छुट्टी पर जाने का आदेश दे दिया था। घटना की जांच के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी आदेश जारी किए थे।

from Dainik Jagran

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