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किडनी खराब कर सकते हैं ज्यादा प्रोटीन वाले आहार, जानें कितना प्रोटीन लेना चाहिए रोज

health Capsule
  • प्रोटीन की ज्यादा खुराक लेने से गुर्दे पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • गुर्दे की बीमारियों की पहचान शुरुआत में नहीं हो पाती है।
  • गुर्दे में 70 फीसदी तक की क्षति से व्यक्ति नपुंसक हो सकता है।
अक्सर आप पढ़ते और सुनते होंगे कि प्रोटीनयुक्त आहार खाएं तो स्वस्थ रहेंगे। वास्तव में प्रोटीन हमारे शरीर के लिए जरूरी तत्व है मगर इसका जरूरत से ज्यादा सेवन आपके लिए नुकसानदायक भी हो सकता है। डॉक्टरों की मानें तो प्रोटीन की ज्यादा खुराक लेने से गुर्दे पर बुरा प्रभाव पड़ता है। आमतौर पर गुर्दे की बीमारियों की पहचान शुरुआत में नहीं होपाती है। इसलिए बगैर उचित सलाह के अधिक प्रोटीन नहीं लेना चाहिए। लेकिन कई लोग इसकी अनदेखी करते हैं। नतीजतन गुर्दे की दीर्घकालिक बीमारियों के शिकार हो जाते हैं।

क्यों पड़ता है प्रोटीन का किडनी पर बुरा असर

प्रोटीन जब हमारे शरीर में आहार के रूप में जाता है, तो हमारी किडनियां उसे अलग करती हैं और उसकी प्रॉसेसिंग करने के लिए उसे तोड़ती हैं। ऐसे में अगर आप जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेते हैं, तो किडनी को ज्यादा काम करना पड़ता है। प्रोटीन की ज्यादा मात्रा लेने पर गुर्दे में पत्थरी की समस्‍या हो सकती है और गुर्दे बिल्कुल खराब भी हो सकते हैं। जानकारों के मुताबिक 40 फीसदी युवाओं को उच्च रक्तचाप, मोटापा और मधुमेह की समस्‍या रहती है। कई युवा सिगरेट और शराब पीते हैं। जिसके कारण भी गुर्दे में पत्थरी, संक्रमण और मधुमेह से जुड़ी बीमारियां का खतरा ज्यादा रहता है।

बॉडी बनाने वाले प्रोटीन पाउडर खतरनाक

कई युवा पूरक प्रोटीन आहार के रूप में प्रोटीन शैक, प्रोटीन की गोली और एनाबोलिक स्टेरायड लेते हैं। यह काफी कम अवधि में उन्हें दोगुनी शक्ति देता है। लेकिन इससे गुर्दे खराब होने की संभावना बढ़ जाती है। तमाम नेफ्रोलॉजिस्ट्स (किडनी रोग विशेषज्ञों) का मानना है कि लम्बे समय तक प्रोटीन पाउडर की ज्यादा मात्रा लेने से गुर्दे पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है।

नपुंसक हो सकते हैं आप

गुर्दे में 70 फीसदी तक की क्षति से व्यक्ति नपुंसक हो सकता है। गुर्दे की बीमारी की वजह से शरीर में विजातीय पदार्थ जमा होने लगते हैं। नतीजतन शुक्राणु की गुणवत्ता और उत्पादकता प्रभावित होती है। लेकिन जिन लोगों को गुर्दे संबंधी छोटी परेशानियां हैं, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। परेशानी उन लोगों को हो सकती है, जिनका गुर्दा 60 फीसदी से भी ज्यादा क्षतिग्रस्त हो चुका है। गुर्दे की बीमारी का मतलब यह नहीं है कि कोई पुरुष पिता नहीं बन सकता। गुर्दे के प्रत्यारोपण के बाद भी कई लोग सामान्य जीवन जी रहे हैं। गुर्दे संबंधी परेशानियों का पता खून, पेशाब और रक्तचाप के जांच से लगाया जा सकता है।

एक दिन में कितना प्रोटीन सुरक्षित

डॉक्टर्स के मुताबिक, ज़रूरी यह नहीं है कि आप कौनसा प्रोटीन सप्लीमेंट खा रहे हैं, बल्कि ध्यान देने वाली बात यह है कि आप कितना प्रोटीन सप्लीमेंट खा रहे हैं। लोगों को दिन में 50 से 60 ग्राम प्रोटीन खाना चाहिए, जिससे आपको 10 से 35 प्रतिशत कैलोरीज़ मिलें। शरीर के टिश्यु की हानि से बचने के लिए मनुष्य के वज़न के हर 9 किलो को 8 ग्राम प्रोटीन की ज़रुरत होती है, और अगर आप व्यायाम करते हैं तो हर 9 किलो को 10 से 12 ग्राम प्रोटीन की ज़रुरत पड़ती है। लेकिन, जब आप ज़रूरत से ज़्यादा प्रोटीन खाते हैं, फिर चाहे वो फूड्स के ज़रिए हो या फिर सप्लीमेंट्स के ज़रिए, तो किडनी पर इसका असर पड़ता है।

प्रोटीन के सुरक्षित स्रोत

दूध, दही, अंडे की सफेदी, पनीर, मांस, मछली, इडली-डोसा, दाल, चावल, सोयाबीन, मटर, चना, मूंगफली, अंकुरित पदार्थों में प्रोटीन प्राकृतिक रूप से पाया जाता है। इसलिए अगर आप बॉडी बनाना चाहते हैं, तो इन आहारों का सेवन करें, न कि प्रोटीन पाउडर का। मगर इनका सेवन भी सीमित मात्रा में करें अन्यथा ये आपका पेट खराब कर सकते हैं और किडनी पर बुरा प्रभाव डालते हैं।

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