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माइंड कंट्रोल चिप से होगा दिमागी बीमारियों का इलाज

health Capsule

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के इस्तेमाल से दिमागी बीमारियों का इलाज किया जा सकेगा। यूनिवर्सिटी ऑफ कैलीफोर्निया और मैसाच्यळ्सेट्स जनरल हॉस्पिटल के शोधकर्ताओं ने ऐसा ब्रेन इंप्लांट तैयार किया है जो दिमाग में विद्युत तरंगें भेजकर दिमाग की रासायनिक प्रक्रियाओं में बदलाव करने में सक्षम है। यह माइंड कंट्रोल चिप अभी परीक्षण के दौर में है। अगर यह सफल होती है तो कई गंभीर दिमागी बीमारियों के इलाज में फायदेमंद साबित होगी। यह शोध नेचर जर्नल में प्रकाशित हुआ है।  

सफल रहे शुरुआती परीक्षण

इस चिप का परीक्षण मिरगी के छह मरीजों पर किया गया। उनके दिमाग में यह चिप लगाई गई जिसके जरिए वैज्ञानिक यह देख पाए कि दिनभर उनके दिमाग में क्या चलता है। लगातार तीन हफ्तों तक उनकी दिमागी गतिविधियों को पढ़ने के बाद वैज्ञानिक उनके मनोभाव में आने वाले बदलावों को दूर करने के लिए एक प्रणाली विकसित कर सके। इसके हिसाब से जब मरीज के दिमाग को विद्युत तरंगें भेजी गईं, तो समय के साथ मरीजों के व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखा गया। 

दिमाग को नियंत्रित करेगी चिप

-इस चिप में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस प्रणाली का इस्तेमाल किया गया है, जिससे इंसान के मानसिक विकारों के चलते मानसिक व शारीरिक गतिविधियों में आए बदलाव को समझा जा सके।

-जैसे ही चिप को बदलाव का संकेत मिलेगा, वह एक झटका देकर मरीज के दिमाग को फिर से स्वस्थ अवस्था में भेज देगी।

-वैज्ञानिकों को भरोसा है कि यह तकनीक पार्किंसंस बीमारी से लेकर लंबे समय से चले आ रही तनाव व अवसाद जैसी समस्याओं से जूझ रहे मरीज के लिए फायदेमंद होगा।

ऐसे करती है कामह चिप ढेर सारे बारीक तारों से मिलकर बनी है, जिनके एक सिरे पर इलेक्ट्रोड (विद्युत संवाहक) लगाया गया है। इस चिप को दिमाग में रोपित किया जाता है। यह तार आगे दूसरे तार से जुड़ते हैं, जो त्वचा के नीचे रहते हैं और कान के पीछे से रीढ़ की हड्डी तक जाते हैं। तारों पर लगे इलेक्ट्रोड दिमाग के खास हिस्से पर लगातार विद्युत तरंगें भेजते हैं। यह तरंगें दिमाग में पहले से मौजूद संकेतों में बदलाव करके व्यवहार औ

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