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सीने में तेज जलन हो सकती है हायटल हर्निया का लक्षण, जानें कारण और इलाज

health Capsuleजब शरीर के अंग अपनी जगह से इधर-उधर हो जाते हैं या उनका विकास बाहरी तरफ होने लगता है, तो इस स्थिति को हर्निया कहते हैं। हायटस पेट और छाती के बीच मांसपेशियों की एक दीवार होती है। इन दोनों अंगों के बीच से आपकी आहार नाल (फूड पाइप) गुजरती है। हायटल हर्निया की स्थिति में पेट का कुछ हिस्सा बड़ा होकर छाती के हिस्से में चला जाता है, जिससे व्यक्ति को कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं। हायटल हर्निया होने पर आमतौर पर कोई लक्षण नहीं नजर आते हैं। लेकिन कुछ मामलों में हार्ट बर्न (सीने में जलन) की समस्या हो सकती है। सीने में जलन के साथ-साथ कुछ लोगों को सीने में दर्द की समस्या भी हो सकती है, जिससे लोगों को लगता है कि उन्हें हार्ट अटैक हो गया है।

क्यों होता है हायटल हर्निया

हायटल हर्निया की स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपने डायाफ्राम के कमजोर होने की वजह से डायाफ्राम से बाहर निकल आता है, जिसके चलते ये अपने अंदर बनने वाले एसिड को रोक नहीं पाता। ये एसिड पेट की नली में पहुंच कर जलन पैदा करते हैं, जिस से हमारे सीने में जलन और तेज दर्द महसूस होता है। आमतौर पर छोटे हर्निया पर ध्यान नहीं जाता है, लेकिन समस्या बढ़ने पर सीने में उभार भी दिख सकता है।

महिलाओं को प्रेग्नेंसी के बाद खतरा

महिलाओं में यह समस्या आम तौर पर प्रसव के बाद उत्पन्न होती है। इसका कारण है कि प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं के अंदरूनी अंगों में बदलाव होते हैं और गर्भ में शिशु का विकास होता है। इस दौरान महिला के पेट पर दबाव बढ़ जाता है, जिससे मांसपेशियां कई बार विपरीत दिशा में विकसित होने लगती हैं और हायटल हर्निया की समस्या हो जाती है।

हर्निया के लक्षण

  • पेट की चर्बी आंतों की बाहर की ओर लटकना।
  • अंग विशेष के नीचे उभार महसूस होना।
  • बढ़े हुए अंग में दर्द व भारीपना महसूस होना।
  • ज्यादा देर तक खड़े रहने में तकलीफ होना।
  • मल-मूत्र त्याग करने में समस्या आना।

    क्या है हायटल हर्निया का इलाज

    हर्निया का एकमात्र इलाज है आपरेशन। सामान्यतः छोटे हर्निया के मामले में हर्निया की जगह चीरा लगाया जाता है। इसके अलावा उभार वाले भाग को भीतर कर क्षतिग्रस्त हिस्से को रिपेयर कर दिया जाता है। मरीज के घाव भरने में आमातौरपर 10 से 15 दिन का वक्त लगता है। लेकिन मरीज को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि वह कम से कम दो से तीन महीने तक कोई भी भारी काम न करे। असल में आपरेशन के बाद शरीर कमजोर और कच्चा होता है। इसकी भरपाई करने में कम से दो से तीन माह का समय लगता है।

    बरतें ये सावधानियां

    • कब्ज की समस्या को नजरअंदाज न करें। लंबे समय तक कब्ज होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
    • पेट में ऊपरी हिस्से में अक्सर दर्द होने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
    • बार-बार दर्द निवारक दवाओं के प्रयोग से दवा को दबाएं नहीं।
    • सीने में कई दिन तक जलन होने पर चिकित्सक को दिखाएं।

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