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गर्भावस्‍था में नींद संबंधी ये बुरी आदतें बच्‍चे के लिए है खतरनाक, ऐसे करें बचाव

health Capsuleशादी के बाद हर नवविवाहित जोड़े को घर में एक नए नन्हे मेहमान के आने का बेसब्री से  इंतज़ार होता है। भला ऐसा हो भी क्यों ना.. माता पिता बनना जीवन के सबसे बड़े सुखों में से एक जो होता है। खासतौर पर एक स्त्री के लिए तो मां बनना स्त्रित्व की पूर्ण प्राप्ति होती है। लेकिन गर्भधारण करने के लिए कई तैयारियों और खास बातों के ध्यान में रखने की ज़रूरत होती है। आपकी दिनचर्या से जुड़ी ऐसी कई आदतें हो सकती हैं जिसका सीधा असर आपके गर्भ धारण पर पड़ रहा हो। जैसे की गर्भधारण में नींद का भी विशेष योगदान होता है। आज हम आपको नींद संबंधी ऐसी कुछ गलतियों या कहिए कि बुरी आदतों के बारे में बता रहे हैं जिनके कारण गर्भधारण में समस्या आ सकती है, और इन्हें गर्भधारण करने से पहले ही बदल लेना बेहतर होता है।

इन बातों का रखें खयाल 

अगर आप नींद को ज्यादा तवज्जो नहीं देतीं हैं और कभी भी किसी भी हालात में सो जाती हैं तो यह आदत आपके लिए हानिकारक साबित हो सकती है। टीवी के शोर में या कमरे में लाइट जलाकर ही सो जाना कुछ ऐसी वजहें हैं नींद को प्रभावित कर जो प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। किसी भी तरह की अशांती से आपकी नींद में खलल पैदा होता है और यह उन महिलाओं के लिए कतई ठीक नहीं होता जो जल्दी गर्भधारण करने की योजना बना रही होती हैं। अगर आपको भी गर्भाधारण करने में समस्या हो रही हो तो नींद संबंधी उपरोक्त व नीचे बताई जा रही आदतों को तुरंत बदल डालिए। 

क्या कहता है शोध 

ओसाका यूनीवर्सिटी के यूसीएलए के शोधकर्ताओं और जापान साइंस और टेक्नॉलजी एजेंसी के एक शोध के अनुसार आधी उम्र की महिलाओं को गर्भधारण करने के लिए अंधेरे में संबंध बनाने चाहिए। साथ ही शोधकर्ताओं के अनुसार ऐसी महिलाएं जो गर्भवती होना चाहती हैं उन्हें रात की अच्छी नींद के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए जैसे, रात में समय पर भोजन करें, रात के समय हल्का भोजन ही करें, रात के समय कमरे में हल्की रोशनी रखें या हो सके तो अंधेरा कर सोएं। शोधकर्ताओं के मुताबिक रात के समय बेडरूम में आने वाली कोई भी तेज़ रोशनी महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर बुरा प्रभाव डालती है।

कैसे होता है बुरा असर 

शोध से पता चला है कि जब भी रात में सोते समय तेज़ रोशनी होती है तो मेलाटोनिन नामक हार्मोन के स्त्राव में गिरावट आती है। दरअसल मेलाटोनिन एक हार्मोन है जिसका स्त्राव अंधेरे में मस्तिष्क की पिनीयल से होता है। यह महिलाओं के गर्भधारण में सहायक होता है। शोधकर्ताओं ने कहा कि महिलाओं में एक दिन से दूसरे दिन के दौरान प्रकाश और अंधेरे का चक्र व्यवस्थित होना चाहिए। 

इसके अलावा एक अन्य शोध से भी यह पता चला कि ज्यादा प्रकाश में रहने से के दौरान महिलाओं की फर्टिलिटी को नुकसान होता है। यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्साज हेल्थ सेंटर के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन पाया कि लाइट बंद करके सोने से महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ सकती है जबकि लाइट जलाकर सोने से यह कम हो सकती है। शोधकर्ता रशेल जे रायटर के अनुसार रात में सोते समय अंधेरा महिलाओं की फर्टिलिटी बढ़ाने में सहायक है। जब भी लाइट बंद होती हैं तब महिलाओं के शरीर में मेलोटोनिन का स्तर बढ़ जाता है जिससे फर्टिलिटी बढ़ती है।

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