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बाल झड़ने की समस्या से हैं परेशान, तो घर पर बनाएं ये आयुर्वेदिक चूर्ण

health Capsule

  • बाल झड़ने की समस्या में आयुर्वेदिक औषधियां बहुत फायदेमंद होती हैं।
  • आयुर्वेद में बालों के लिए सबसे फायदेमंद रीठा, शिकाकाई और त्रिफला होते हैं।
  • बाल झड़ने की समस्या में त्रिफला चूर्ण बहुत फायदेमंद है।



प्रदूषण और खाने-पीने की चीजों में पोषण की कमी के कारण बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। बालों को झड़ने से रोकने के लिए आप तरह-तरह की दवाएं, तेल और जेल का प्रयोग करते हैं। अगर इन सभी से इस्तेमाल से भी आपको कोई लाभ नहीं हुआ है, तो एक बार आयुर्वेदिक औषधि भी आजमा कर देखें। आयुर्वेद में कई ऐसी औषधियां हैं, जो बालों की समस्याओं के लिए विशेष तौर पर जानी जाती हैं। ऐसी ही एक औषधि है त्रिफला, जो तीन जड़ी-बूटियों को मिलाकर बनती है। आइए आपको बताते हैं किस तरह ये बालों के झड़ने की समस्या में आपके लिए फायदेमंद है और कैसे करें इसका इस्तेमाल। खास बात ये है कि इसे आप घर पर भी बना सकते हैं।

घर पर बनाएं त्रिफला चूर्ण

बाल झड़ने की समस्या में त्रिफला चूर्ण बहुत फायदेमंद है। त्रिफला स्वयं कोई औषधि नहीं है, बल्कि ये तीन अलग-अलग औषधियों का मिश्रण है, जिसे आयुर्वेदि में बहुत फायदेमंद माना जाता है। ये चूर्ण बनाने के लिये आपको सूखे हुये बड़ी हरड़, बहेड़ा और आंवला चाहिये। तीनों ही फल स्वच्छ एवं बिना कीड़े लगे होने चाहिये। इनकी गुठली निकाल दें और थोड़ा -थोड़ा मोटा कूट ले फिर उस के बाद उसे मिक्सी में बारीक पीस लें और छान लें एवं बचे हुये भाग का अलग-अलग चूर्ण बना लें। बारीक छने हुये तीनों प्रकार के चूर्णों को 1 : 2 : 4 के अनुपात में मिलायें और किसी जार में भरकर रख लें।

बालों के लिए आयुर्वेदिक नुस्खा

आयुर्वेद में बालों के लिए सबसे फायदेमंद रीठा, शिकाकाई और त्रिफला होते हैं। इन सबके बीज निकालकर मिश्रित पाउडर बना लें। यदि आपके बाल लम्बे हैं तो दो कप पानी में चार चम्मच पाउडर मिलाकर रात को भिगोकर रख दें। सुबह इसे ठीक प्रकार से सर में लगा लें और आधे घंटे बाद पानी से धो लें। इस तरह सप्ताह में तीन दिन इसका प्रयोग करें। यह बालों को गिरने से रोकने में सहायक होता है और रूसी को भी खत्म करता है।

कैसे करें इसका सेवन

किसी भी उम्र का कोई भी व्यक्ति त्रिफला का सेवन कर सकता है। लेकिन इसके लिये पहले बेड टी की आदत को छोड़ना होगा। पूर्ण लाभ के लिये सुबह उठने के तुरंत बाद कुल्ला करके ताजे पानी के साथ त्रिफला का सेवन करना होता है। इसके बाद कम से कम एक घंटे तक किसी भी चीज का सेवन नहीं करना चाहिए। हां पानी पिया जा सकता है। इसकी मात्रा का निर्धारण उम्र के हिसाब से किया जाता है। जितनी उम्र है उतने रत्ती त्रिफला का दिन में एक बार सेवन करना होता है।

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