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12 करोड़ भारतीयों पर है DHKD सिंड्रोम का खतरा

health Capsuleनई दिल्ली । देश में मधुमेह व हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। ये दोनों बीमारियां किडनी के लिए ज्यादा घातक हैं। भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस व दिल्ली स्थित एम्स द्वारा किए गए अध्ययन में भी यह बात सामने आई है। डॉक्टर भी समय रहते मधुमेह पीड़ितों में किडनी की जांच नहीं कराते। डॉक्टरों ने इस बीमारी को ‘डीएचकेडी’ (डायबिटिज हाइपरटेंशन किडनी डिजीज) सिंड्रोम नाम दिया है। 
यह शोध हाल में मेडिकल जर्नल (जर्नल ऑफ द एसोसिएशन फिजिशियंस ऑफ इंडिया) में प्रकाशित हुआ है।इस शोध का मकसद डीएचकेडी के घातक दुष्प्रभाव के प्रति लोगों व छोटे शहरों के डॉक्टरों को सचेत करना है।
किडनी की बीमारियों से पीड़ित 6175 मरीजों पर यह अध्ययन किया गया है। इसमें दिल्ली के 3050 व भुवनेश्वर के 3125 मरीज शामिल थे।अध्ययन में पाया गया कि देश में किडनी खराब होने का सबसे बड़ा कारण मधुमेह है। 62.3 फीसद किडनी के मरीज मधुमेह से पीड़ित थे। वहीं दिल्ली में 68.4 फीसद व भुवनेश्वर में 56.2 फीसद मरीज मधुमेह के साथ किडनी की बीमारी से पीड़ित थे।
मधुमेह-किडनी की बीमारी से पीड़ित 78.7 फीसद लोगों का ब्लड प्रेशर अधिक था। दिल्ली में यह आंकड़ा 88.2 फीसद व भुवनेश्वर में 69.3 फीसद पाया गया। वहीं, जिन्हें मधुमेह नहीं था उनमें क्रमश: 56.8 फीसद व 53.8 फीसद लोग हाइपरटेंशन से पीड़ित थे। शोध में यह भी पाया गया है कि 54.4 फीसद मधुमेह पीड़ितों की किडनी की जांच शुरुआती दौर में नहीं कराई गई थी, जबकि उनके यूरीन में प्रोटीन व क्रिटिनिन की मात्रा अधिक थी। यह बात साबित करती है कि जानकारी के अभाव में जांच नहीं हो पाने के कारण अनेकों मधुमेह पीड़ितों कि किडनी खराब हो जाती है।
इसलिए जरूरी है जांच
देश में करीब 6.44 करोड़ लोग मधुमेह से पीड़ित हैं, जबकि 7.72 करोड़ लोग प्री-डायबेटिक हैं। हाइपरटेंशन की बीमारी भी खतरनाक रूप से बढ़ी है। वैसे तो इन दोनों बीमारियों के कारण किडनी खराब होने का खतरा रहता है पर किसी को दोनों बीमारियां हों तो खतरा और बढ़ जाता है, इसलिए ऐसे मरीजों को सचेत हो जाना चाहिए और किडनी की जांच जरूर करना चाहिए।
किडनी है शरीर का अहम अंग
हमारे शरीर में खून साफ करना, हार्मोन बनाना, मिनरल का अवशोषण, यूरीन बनाना, टॉक्सिन्स निकालना और एसिड का संतुलन बनाए रखने जैसे सारे जरूरी काम किडनी करती है। इससे आप समझ ही गए होंगे कि किडनी हमारे शरीर का कितना महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन अनजाने में आपकी कुछ आदतें आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा देती हैं। अक्‍सर किडनी की समस्‍याओं का पता स्क्रीनिंग के परिणाम द्धारा उच्‍च जोखिम होने पर ही लगता है।
  किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। किडनी रक्त में मौजूद पानी और व्यर्थ पदार्थों को अलग करने का काम करती है। इसके अलावा शरीर में रासायनिक पदार्थों का संतुलन, हॉर्मोन्स छोड़ना, रक्तचाप नियंत्रित करने में भी सहायता प्रदान करती है। बदलती लाइफस्टाइल व काम के बढ़ते दबाव के कारण लोग जंकफूड व फास्ट फूड का सेवन ज्यादा करने लगे हैं। इसी वजह से लोगों की खाने की प्लेट से स्वस्थ व पौष्टिक आहार गायब होते जा रहें हैं। किडनी के रोगों को दूर करने के लिए कुछ प्राकृतिक उपायों की मदद लेना बहुत फायदेमंद साबित हो सकता है। 
किडनी की बीमारी के कारण
हर साल किडनी की बीमारी के चलते लाखों लोग अपनी जान गंवा बैठते हैं। लेकिन सबसे खतरनाक बात यह है कि अधिकतर लोगों को इसकी जानकारी तब होती है जब बहुत देर हो चुकी होती है। दरअसल किडनी की बीमारी के लक्षण उस वक्त उभरकर सामने आते हैं, जब किडनी 60 से 65 प्रतिशत डैमेज हो चुकी होती है। इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है। इसलिए समय रहते इसके लक्षणों की पहचान किया जाना बहुत जरूरी होता है। किडनी शरीर का एक ऐसा अंग होता है जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को छानकर यूरीन के माध्‍यम से शरीर से बाहर निकालता है। लेकिन डायबिटीज जैसी बीमारियों, खराब जीवनशैली और कुछ दवाओं के कारण किडनी के ऊपर बुरा प्रभाव पड़ता है। डायबिटीज और ब्लड प्रेशर किडनी फेल होने के सबसे बड़े कारण हैं। डायबिटीज के 30 से 40 प्रतिशत मरीजों की किडनी खराब होती है। इनमें से 50 प्रतिशत मरीज ऐसे होते हैं, जिन्हें बहुत देर से इस बीमारी का पता चलता है और फिर उन्हें डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट करवाना पड़ता है।
कम पानी पीना
पानी हमारे शरीर की जरुरत है। पानी कम पीने से किडनी पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ता है। किडनी खून साफ करती है और खराब चीजों को शरीर से अलग करती है जिसमें पानी की बड़ी भूमिका है। अगर आप पानी कम पियेंगे तो टॉकिन्स छनने के बजाय आपके शरीर में इकट्ठा होने शुरू हो जाएंगे।
अधिक नमक का सेवन
कुछ लोग जरूरत से ज्यादा नमक का सेवन करते हैं। शायद वो नहीं जानते कि उनकी ये आदत उनकी किडनी की सेहत पर कितनी भारी पड़ सकती है। अधिक नमक लेने से शरीर में सोडियम बढ़ता है जिससे ब्लड प्रेशर प्रभावित होता है। इससे किडनी पर बल पड़ता है।
यूरीन को रोकना
कुछ लोगों की आदत होती है कि वो यूरीन या पेशाब को रोक कर रखते हैं। यूरीन या पेशाब के प्रैशर को रोकना भी किडनी से संबंधित समस्याओं को बढ़ा देता है। इस गलत आदत से किडनी में पत्थरी या किडनी फेल होने जैसी दिक्कत भी हो जाती है।इसलिए दिन में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन न करें।
ज्यादा मीठा खाना
ज्यादा मिठाई खाने की आदत भी आपकी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकती है। दरअसल, अधिक मीठी डाइट के सेवन से यूरीन से प्रोटीन निकलने लगता है। अगर आपके साथ ऐसा हो रहा है तो समझ लें कि आप किडनी से जुड़ी किसी समस्या से जूझ रहे हैं।
कम नींद लेना<
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