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50 फीसद लोगों में किशोरावस्था में शुरू हो जाती है मानसिक बीमारी

health Capsuleनई दिल्ली : विश्व मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता सप्ताह के मद्देनजर सफदरजंग अस्पताल में एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें यह बात सामने आई कि मानसिक बीमारियां बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए डॉक्टरों ने कहा कि मानसिक बीमारियों से पीड़ित 50 फीसद लोगों में यह बीमारी किशोरावस्था में ही शुरू हो जाती है। फिर भी लोग इसे नजरअंदाज करते हैं। इसका परिणाम कई बार आत्महत्या व गंभीर मानसिक बीमारी के रूप में सामने आता है।
   इस सम्मेलन में सफदरजंग, आरएमएल अस्पताल व एम्स के मनोचिकित्सक शामिल हुए। सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र शर्मा ने कहा कि युवाओं को अपने मानसिक स्वास्थ्य के बारे में बात करनी चाहिए। अस्पताल के मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. कुलदीप कुमार ने कहा कि डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार हर चार में से एक व्यक्ति मनोरोग से पीड़ित है। 50 फीसद लोगों में 14 साल की उम्र में बीमारी की शुरुआत हो जाती है। बच्चों पर पढ़ाई का अत्यधिक दबाव भी मानसिक परेशानी का कारण बनता है। कई लोग दूसरे बच्चों से अपने बच्चों की तुलना करते हैं। इससे भी बच्चों पर मानसिक दबाव बढ़ता है। उन्होंने कहा कि इन दिनों मोबाइल व सोशल नेटवर्क पर बच्चे अधिक समय तक व्यस्त रहते हैं। इसका उनके मानसिक स्वास्थ्य पर दुष्प्रभाव देखा जा रहा है। कई लोग अपने बच्चों को लेकर इलाज के लिए पहुंचते हैं। यह देखा गया है कि मोबाइल व सोशल नेटवर्क पर अधिक समय देने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इसलिए दो-तीन घंटे से अधिक समय तक मोबाइल व सोशल नेटवर्क साइट्स पर सक्रिय रहना मानसिक बीमारी का कारण बन सकता है। सम्मेलन में कैंसर के मरीजों में मानसिक अवसाद पर भी चर्चा की गई।         आरएमएल में इंटरनेट की लत से छुटकारे के लिए विशेष क्लीनिक
आरएमएल अस्पताल में शुक्रवार से विशेष क्लीनिक शुरू होगा। अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. पीआर बेनिवाल ने कहा कि अधिक सेल्फी लेना भी बीमारी है। इसे सेल्फाइटिस नाम दिया है। इंटरनेट, ऑनलाइन खेल, सोशल नेटवर्क पर घंटों सक्रिय रहने या किसी अन्य लत के कारण व्यवहार में अचानक परिवर्तन आने की मानसिक बीमारियों को इस श्रेणी में रखा गया है। इंटरनेट के बढ़ते दुष्प्रभाव के मद्देनजर इस तरह के क्लीनिक की जरूरत बढ़ती जा रही है। इस क्रम में सबसे पहले एम्स ने विशेष क्लीनिक शुरू किया था।
from Dainik Jagran
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