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बीमार होने पर अब आपके घर पर आएगा अस्पताल

health Capsuleनई दिल्ली। कई लोग अस्पताल केवल इसलिए जाने से परहेज करते हैं कि वहां जाने के लिए उन्हें लंबी दूरी तय करनी होगी। वे बस या रिक्शे का सफर कर अस्पताल जाने के बजाय घर में रहकर बीमारी से जूझते हैं। दिल्ली छावनी परिषद ने लोगों की इस समस्या को समझते हुए मोबाइल डिस्पेंसरी की योजना शुरू की है। छावनी परिषद के अधिकारी मोबाइल डिस्पेंसरी की सुविधा को अस्पताल आपके द्वार का नाम दिया है। अभी छावनी परिषद क्षेत्र में अस्पताल आपके द्वार के तहत तीन मोबाइल डिस्पेंसरी शुरू की गई है। आने वाले समय में इनकी तादाद बढ़ाई जाएगी।                                                                                                      
छावनी परिषद के अधिकारी बताते हैं कि लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने के लिए व अस्पताल से लोगों को जोड़ने में मोबाइल डिस्पेंसरी काफी कारगर सिद्ध हो रही है। छावनी अस्पताल में मोबाइल डिस्पेंसरी योजना को देख रहे चिकित्सक डॉ. प्रवीन प्रताप  सिंह बताते हैं कि अस्पताल से दूरी के चलते क्रिबी प्लेस, महरम नगर, नारायणा आदि जैसे इलाकों में रहने वाले लोग निजी या झोलाछाप चिकित्सक के संपर्क में आ जाते है। जहां उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल पाती है और साथ ही जांच आदि में काफी रुपये खर्च हो जाते है।   लोगों को सरकार की सुविधाओं का लाभ मिले, इसके लिए लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए छावनी बोर्ड द्वारा मोबाइल डिस्पेंसरी की सुविधा को शुरू किया गया। अभी छावनी अस्पताल के पास तीन मोबाइल डिस्पेंसरी है, जिसमें से एक डिस्पेंसरी में खून जांच व ईसीजी की सुविधा है। डॉ. प्रवीन ने बताया कि समय के अभाव के चलते व कुछ ऐसे मरीज जो अस्पताल आने में असमर्थ है, उनके लिए मोबाइल डिस्पेंसरी बेहतर विकल्प है। ऐसे लोगों को घर बैठे-बैठे स्वास्थ्य सुविधा मिल जाती है। 
        उन्होंने बताया कि रोजाना एक-एक मोबाइल डिस्पेंसरी अलग-अलग इलाकों में जाती है और वहां लोगों को इलाज के साथ मुफ्त दवाइयां भी उपलब्ध कराती है। साथ ही मरीज को बेहतर स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल का रुख करने की दिशा में जागरूक भी किया जाता है। मोबाइल डिस्पेंसरी के माध्यम से लोगों को अस्पताल से जोड़ने की मुहिम चलाई जा रही है।मोबाइल डिस्पेंसरी रोजाना किस क्षेत्र में जाएगी यह निर्धारित है। मोबाइल डिस्पेंसरी में अस्पताल का एक चिकित्सक, नर्स व पैरामेडिकल स्टाफ मौजूद रहता है। रोजाना सुबह दस बजे मोबाइल डिस्पेंसरी अस्पताल से रवाना होती है और दोपहर बाद दो-तीन बजे लौट आती है। डॉ. प्रवीन ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ की कमी के चलते थोड़ी परेशानी जरूर होती है, लेकिन मोबाइल डिस्पेंसरी रोजाना लोगों के बीच पहुंचे इसकी पूरी कोशिश रहती है।             
from Dainik Jagran
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