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खूबसूरती ही नहीं सेहत भी खराब करता है खाली बैठना

health Capsule

ऑफिस या घर में आप काम से जी चुराते हैं और खाली बैठना ज्यादा पसंद करते हैं, तो इससे आपकी सुंदरता के साथ-साथ आपकी सेहत पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। 

ज्यादातर लोगों की आदत होती है कि वे काम करने से जी चुराते हैं और वर्किंग होने के बाद भी खाली बैठना पसंद करते हैं। काम पर ध्यान ही नहीं देते। खाली बैठना आपकी योग्यता को तो प्रभावित करता ही है, आपको गंभीर बीमार भी बना सकता है। 

शोध कहता है 
खाली बैठना आपके व्यक्तित्व के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी नुकसानदेह है। हाल ही में यूनिवर्सिटी ऑफ लिवरपूल द्वारा एक शोध कराया गया। इस शोध में पाया गया कि जो लोग खाली बैठना पसंद करते हैं, उनमें गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। 

शोधकर्ताओं का कहना है कि खाली बैठने से शारीरिक सक्रियता में कमी आती है। अगर शरीर सक्रिय नहीं होगा, तो इसका असर आपकी मांसपेशियों और शरीर के अन्य अंगों पर पड़ेगा। शोधकर्ताओं ने शोध में पाया कि जो लोग खाली बैठते हैं, दो हफ्ते के भीतर ही इसका असर उनकी सेहत पर दिखने लगता है। खाली बैठना पसंद करने वाले लोगों में मधुमेह, हृदयरोग, कैंसर, अवसाद और स्ट्रोक जैसी बीमारियों का खतरा ज्यादा होता है।

खुद को व्यस्त रखिए
विशेषज्ञों का मानना है कि शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बने रहने के लिए खुद को व्यस्त रखना ज्यादा जरूरी है। खाली बैठने का सबसे बड़ा नुकसान यह होता है कि आप दिमागी रूप से सक्रिय नहीं होते। इसका असर याद्दाश्त पर पड़ता है। सोचने-समझने की शक्ति क्षीण होती है, नए विचार नहीं आते, आपके निर्णय लेना की शक्ति प्रभावित होती है। खाली बैठने का एक बड़ा नुकसान यह है कि इससे आपको तनाव भी होता है। यह अनिद्रा, बेचैनी, गुस्सा आदि समस्या को भी बढ़ाता है। अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर गंभीर बीमार हो सकता है।

नए आइडिया या नए विचार तभी आते हैं, जब आप खुद को व्यस्त रखते हैं। खाली बैठेंगे, तो फालतू की बातों पर ध्यान लगाएंगे। व्यस्त रहेंगे, तो आप समस्या का समाधान बेहतर ढंग से खोज पाएंगे। 
अगर आप खुद को व्यस्त रखते हैं, तो दिमाग में नए विचार आते हैं। साथ ही आपकी योग्यता और व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आते हैं। हम क्या कर सकते हैं, काम को कैसे बेहतर कर सकते हैं, यह पता चलता है। जबकि खाली बैठने से हम शारीरिक एवं मानसिक रूप से सक्रिय नहीं रह पाते। इससे हम पर आलस हावी रहता है आैर हमारी सुंदरता आैर व्यक्तित्व भी प्रभावित होता है।

काम होता है प्रभावित 
अगर आप काम के समय, काम से जी चुराते हैं, तो इसका असर आपके काम पर भी दिखाई देता है। आपकी कार्य क्षमता प्रभावित होती है। कार्यों की गुणवत्ता खराब होती है। काम समय पर पूरा नहीं होता। यह सब आपके प्रोफेशनल करियर पर प्रभाव डालते हैं। इससे आपकी नौकरी जा सकती है। प्रमोशन रुक सकता है। अगर आप काम में खुद को व्यस्त रखेंगे, तो आपका दिमाग सक्रिय बना रहेगा। अगर आप काम से जी चुराएंगे या खाली बैठेंगे, तो अकेलपन का शिकार हो जाएंगे। 

आप खुद को जितना व्यस्त रखेंगे, उतना ही सफल होंगे। व्यस्त रखने से आपको नई चीजें पता चलती हैं, जो आपके करियर के लिए लाभकारी होती हैं। खाली बैठेंगे, तो कुछ नया नहीं सीख पाएंगे। व्यस्त रहने से हमारी कार्य कुशलता में सुधार आता है। नया कार्य करने से कुछ नया सीखने को मिलता है। खाली बैठेंगे, तो लोग आपकी काबलियत पर शक करने लगेंगे। आपकी दिमाग में व्यर्थ की चिंताएं जन्म लेंगी, आप अवसादग्रस्त रहने लगेंगे।


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