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नाक के माध्यम से ब्रेन का ट्यूमर निकाला

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स्मार्ट सीटी के डॉक्टरों ने बगैर ऑपरेशन किए ब्रेन से तीन इंच का ट्यूमर नाक के माध्यम से निकाला है। इसके कारण मरीज का हाथ, पैर, चेहरा सामान्य से अधिक बड़ा होते जा रहा था। इसे निकालने के तीन दिन के बाद ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। अब मरीज की स्थिति सामान्य है।

दिल्ली के द्वारका निवासी 38 वर्षीय भाष्कर वासने के शरीर के कई अंगों में अप्राकृतिक विकार हो रहा था। इससे उनकी परेशानियां बढ़ गई थी। वह प्राथमिक उपचार के लिए नीलम बाटा रोड स्थित फोर्टिस अस्पताल के न्यूरो सर्जन डॉ. आशीष गुप्ता के पास गए। जहां एमआरआई सीटी स्कैन और कई प्रकार के जांच की सलाह दी गई। जांच में पाया गया कि उनके आंखों की नसों के पास तीन सेंटीमीटर का एक ट्यूमर है। इसके कारण ब्रेन में कई नसे दबने लगी थीं। इससे उन्हें यह समस्याएं शुरू हो गई थी। वह दिल्ली एनसीआर के कई डॉक्टरों से अपना उपचार करा चुके थे। लेकिन बीमारी का पता ही नहीं चल पा रहा था।

उनका उपचार कर रहे डॉ. आशीष गुप्ता ने बताया कि जांच के बाद परिजनों से बात कर उनकी सर्जरी का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि नाक के माध्यम से दूरबीन डालकर उनके ट्यूमर को निकाला गया। अभी तक स्कल (ब्रेन) को खोलकर माईक्रोस्कोप के माध्यम से सर्जरी की जाती है। ओपन सर्जरी में मरीज को ठीक होने में न्यूनतम 15-20 दिनों का समय लगता है। जबकि दूरबीन के माध्यम से ऑपरेशन करने के बाद मरीज को दूसरे तीसरे दिन ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है। इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज के शरीर से खून का रिसाव भी काफी कम मात्रा में होता है।

उन्होंने बताया कि ब्रेन ट्यूमर कई कारणों से हो सकता है। इसके कारण का अभी तक पता नहीं चल सका है। कुछ लोगों में ब्रेन ट्यूमर अनुवांशिक कारण से भी होता है। ब्रेन ट्यूमर के कारण मरीज के सिर में दर्द, उल्टी, बेहोशी, हाथ पैर काम करना बंद कर सकता है। वहीं, कुछ मरीजों में मिर्गी का दौरा पड़ना, पेशाब (यूरीन) में दिक्कत होने लगती है। इस प्रकार के लक्षण मिलने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें।

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