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निष्क्रिय घूम्रपान से नवजात में अस्थमा की शिकायत बढ़ रही

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नई दिल्ली।फरीदाबाद। निष्क्रिय धूम्रपान (पैसिव स्मोकिंग) से नवजात में अस्थमा की शिकायत लगातार बढ़ रही है। एक निजी अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार पिछले पांच वर्षों में तीन से चार गुणा ऐसे मरीजों की संख्या में वृद्धि हो गई है। ओपीडी में अब प्रत्येक महीने ऐसे 40 मरीजों की जांच की जा रही है। जबकि पांच वर्ष पहले तक तक मात्र 10 से 15 मरीजों की जांच की जा रही थी। वही, औद्योगिक नगरी का प्रदूषण भी अहम श्वांस रोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसका समय पर उपचार नहीं होने पर वह फेफड़े का कैंसर में बदल सकता है।

कॉरपोरेट कल्चर, आधुनिकता और शौक में कुछ लोग धूम्रपान शुरू कर देते हैं। इसमें महिलाओं की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका दुष्प्रभाव गर्भ में पलने वाले नवजात पर पड़ने लगा है। नीलम बाटा रोड स्थित फोर्टिस अस्पताल के श्वांस रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि शंकर झा का दावा है कि पिछले पांच वर्षों में इसकी संख्या तीन से चार गुणा बढ़ गया है। इसकी संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है।

उपचार के दौरान पूछताछ में पाया गया कि जिनके मां-बाप गर्भवस्था के दौरान ज्यादा धूम्रपान करते थे। उनके बच्चों में अस्थमा की शिकायत अधिक पाई गई। उपचार के समय अगर मां-बाप धूम्रपान छोड़ देते हैं, तो ऐसे बच्चों में अस्थमा ठीक होने का दर काफी अधिक है। अगर वह धूम्रपान नहीं छोड़ते हैं तो उनकी बीमारी लंबे समय तक रहती है। उन्हें जीवन भर दवाईयां खानी पड़ सकती हैं।

प्रदूषण निभा रहा अहम भूमिका

युवाओं में प्रदूषण के कारण श्वांस की बीमारी तेजी से बढ़ रही है। समय पर इसका उपचार शुरू नहीं किया गया तो कुछ मरीजों में फेफडे़ की कैंसर होने की भी आशंका रहती है। विशेषज्ञों के अनुसार श्वांस फूलना, बार-बार जुकाम होना, मौसम बदलते ही सर्दी-जुकाम होने इसके लक्षण हो सकता है। ऐसा होने पर तुरंत विशेषज्ञ डॉक्टर से संपर्क करें। ऐसे नहीं करने पर वह गंभीर रूप ले सकता है।

शराब के साथ धूम्रपान है घातक

एशियन अस्पताल के श्वांस रोग विशेष डॉ. मानव मंचदा के अनुसार 25 से 30 आयुवर्ग के युवा सबसे अधिक दमा और छाती में इंफेशक्शन के शिकार होकर आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण धूम्रपान का सेवन करना है। धूम्रपान को प्रतिष्ठा का प्रतिक (स्टेटस सिंबल) मानते है, दोस्तों के साथ धुम्रपान और शराब का एक साथ सेवन शुरू कर देते है। अत्यधिक सेवन करने के बाद उन्हें श्वांस लेने में तकलीफ, खांसी, छाती में दर्द की समस्याएं शुरू हो जाती है।

from hindustan

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