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'ऑक्सीटोसिन' के आयात पर पूरी तरह से लगा बैन

health Capsuleनई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ऑक्सीटोसिन के आयात पर बैन लगा दिया है। इसे लव हार्मोन के नाम से भी जाना जाता है। अब यह डॉक्टर की प्रेस्क्रिप्शन के बिना मेडिकल स्टोर्स पर नहीं मिलेगी। आमतौर पर इसका इस्तेमाल बाल तस्करी के लिए किया जाता है ताकि लड़कियां जल्दी यौवनावस्था में आ जाएं और उन्हें वेश्यावृत्ति के काम में लगाया जा सके।
इसके अलावा ऑक्सीटोसिन का इस्तेमाल कुछ डेयरी मालिकों और किसानों द्वारा दूध और सब्जियों के आकार को बड़ा करने के लिए भी किया जाता है। प्रधानमंत्री कार्यालय में 'ऑक्सीटोसिन के हानिकारक प्रभावों' को रोकने के लिए एक बैठक की गई थी। जिसके बाद यह निर्णय लिया गया। इसके अलावा सरकार ने सीमा शुल्क विभाग से भी कहा है कि देश में इसकी तस्करी पर रोक लगाने के प्रयास किए जाएं।  
इस हार्मोन का इस्तेमाल बच्चे के जन्म के समय होने वाले दर्द को कम करने के लिए भी किया जाता है। वहीं केंद्रीय उत्पाद एंव सीमा शुल्क विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि ऑक्सीटोसिन के वाजिब इस्तेमाल के लिए देश के अंदर ही इसका उत्पादन किया जाना चाहिए। साथ ही ऑक्सीटोसिन नाम से मिलने वाली सभी चीजों के आयात पर भी प्रतिबंध लगाया जाए। सरकार ने कहा है कि इसके प्रतिबंध के बावजूद भी कुछ शरारती तत्व अवैध तरीके से इसकी तस्करी कर सकते हैं।
यानि अब ऑक्सीटोसिन केवल रजिस्टर्ड अस्पताल, प्राइवेट और मेडिकल स्टोर्स में ही उपलब्ध होगी ताकि इसका गलत तरीके से इस्तेमाल ना हो सके। स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ऑक्सीटोसिन संग्रहण कर इसे गैरकानूनी कामों के लिए सप्लाई किया जाता है। 
सकी बिक्री, डिस्ट्रीब्यूशन और उत्पादन पर कंट्रोल करने से इसके गलत इस्तेमाल पर रोक लगेगी और इसे मुख्य रूप से लेबर रूम में डिलिवरी के दौरान ही इस्तेमाल किया जाएगा। 

FROM AMARUJALA
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