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मेडिकल डिवाइस हैक करके किया जा सकता है ब्लैकमेल

health Capsule

लंदन । पेसमेकर्स और इंसुलिन पंप जैसे मेडिकल डिवाइस (चिक्तिसीय उपकरण) इंसान की शारीरिक स्थिती बेहतर बनाने के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। आज के समय में इन उपकरणों का उपयोग करने वालों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसके बाद इनके हैक होने और इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति को ब्लैकमेल करने का खतरा बढ़ गया है। यह खतरा सेंट जूड मेडिकल के कुछ पेसमेकर की बैटरी समय से पहले खत्म होने के बाद हुई दो लोगों की मौत के बाद बढ़ गया है। वैज्ञानिकों का मानना है कि हैकर्स इन डिवाइस के सॉफ्टवेयर को हैक करके आपकी शारीरिक सूचना और कमजोरियों का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं। साथ ही व्यक्ति की जान को खतरा भी बढ़ जाता है।

पेसमेकर और इंसुलिन पंप क्या होते हैं..

पेसमेकर एक ऐसा उपकरण होता है जो आपके हृदय के पहले कक्ष में स्थापित किया जाता है। यह हृदय को धड़कने और रक्त संचार करने का संदेश देता है। यह प्राकृतिक धड़कन के बंद होने के बाद इस्तेमाल किया जाता है। इसके एक निर्धारित समय सीमा होती है, जिसके बाद इसे बदलना पड़ता है।

इंसुलिन पंप को टाइप-1 मधुमेह को नियंत्रित करने के लिए शरीर में लगाया जाता है। यह शरीर में इंसुलिन की मात्रा को संतुलित करता है। इन जैसे उपकरण सॉफ्टवेयर के द्वारा संचालित होते हैं। ऐसे चिक्तिसीय उपकरणों के लिए खाद्य और औषधि प्रशासन ने कुछ निर्देश दे रखे हैं। लेकिन 2017 के एक अध्ययन के मुताबिक अधिकतर उपकरण बनाने वाली कंपनियां इन्हें मानती नहीं हैं। इससे हैक होने का खतरा बढ़ जाता है।

हैकर्स पेसमेकर या अन्य चिक्तिसीय उपकरण के सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ करके संचालन में बाधा डाल सकते हैं। वे इसके द्वारा हृदय की धड़कन रोकने के लिए ब्लैकमेल करके कुछ भी आपराधिक मंशा पूरी करवा सकते हैं। साथ ही हैक करने से इन डिवाइस की बैटरी जल्दी खत्म होती है और व्यक्ति की जान को खतरा हो सकता है।

from हिन्दुस्तान

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