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डाक्टर घर बैठे तीन साल तक लेती रही वेतन

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नोएडा । उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग में घोर लापरवाही का एक मामला सामने आया है। गौतमबुद्धनगर जिले के दादरी सामुदायिक केंद्र में तैनात एक महिला डाक्टर ने विभाग के उच्च अधिकारियों के मिलीभगत से घर बैठे तीन साल तक वेतन उठाया। इसमें तत्कालीन सीएमओ ने भी अहम भूमिका निभाई। एक संस्था की मांग पर इस मामले की जांच कराई गई।

वहीं, जांच में तत्कालीन सीएमओ व डाक्टर दोनों पर लगे आरोपों की सत्यता की पुष्टि हो गई है। अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक चिकित्सा रेनू गुप्ता ने अपनी जांच रिपोर्ट में जय संस्था के आरोपों को सत्य करार दिया व इसकी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है।

विभागीय जांच का फंदा गले में पड़ते देख महिला डाक्टर ने नवंबर 2017 में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इधर जांच रिपोर्ट मिलने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने से हाथ पीछे खींच रहा है।

ज्ञात हो कि दादरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात महिला डॉक्टर नगमा अंजूम को तीन साल तक घर बैठे वेतन देने का मामला जय हो संस्था ने उठाते हुए विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर होने का आरोप लगाया था। संस्था ने इसकी शिकायत स्वास्थ्य मंत्री व मुख्यमंत्री से भी की थी।

संस्था ने दादरी सीएचसी में व्याप्त भ्रष्टाचार की जांच की मांग को लेकर 15 अगस्त 2017 से अनशन भी शुरू किया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। मामले की जांच अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मेरठ द्वारा कराई गई।

जांच में संस्था के सभी आरोपों की पुष्टि हुई है। जांच रिपोर्ट में डाक्टर नगमा अंजूम पर तत्कालीन सीएमओ पर मिलीभगत कर अधिकारों का अतिक्रमण का भी दोषी पाया है। आरोप है कि जांच अधिकारी ने आरोपी डाक्टर को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय दिया था, लेकिन आरोपी महिला डाक्टर जांच अधिकारी के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर सकी।

जय संस्था के संयोजक कपिल शर्मा ने आरोप लगाया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग तत्कालीन सीएमओ, सीएचसी प्रभारी व आरोपी डाक्टर को बचाने का प्रयास कर रहे हैं।

अपर निदेशक एवं संयुक्त निदेशक मेरठ ने अपनी रिपोर्ट में संस्था के सभी आरोपों के सटीक होने की पुष्टि करते हुए अक्टूबर 2017 में महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य को जानकारी भेज दी थी।

उधर, जांच अधिकारी ने डा. अंजूम के तीन वर्ष तक गलत तरीके से घर पर बैठ कर वेतन लेने व अवकाश दिए जाने पर भी सवाल खड़ा किया है।

from Dainik Jagran

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