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न्यास करेगा एम्स की नई धर्मशाला का संचालन

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नई दिल्ली। एम्स में नवनिर्मित सुविधा संपन्न 10 मंजिला धर्मशाला के संचालन की जिम्मेदारी भाऊराव देवरस सेवा न्यास को दी गई है। इस संगठन ने विधिवत हवन कर रविवार को धर्मशाला की शुरुआत कर दी। सोमवार को पांच तीमारदार इस धर्मशाला में ठहरे। इसके शुरू होने से एम्स के बाहर खुले आसमान के नीचे रात गुजारने को मजबूर होने वाले मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलेगी। आने वाले दिनों में इस धर्मशाला में ठहरने वालों को मुफ्त भोजन भी उपलब्ध कराया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि एम्स में करीब 42 फीसद मरीज इलाज के लिए दूसरे राज्यों से पहुंचते हैं। इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा व बिहार के मरीज ज्यादा होते हैं। इनमें से ज्यादातर गंभीर बीमारी से पीड़ित होते हैं, जिन्हें बार-बार फॉलोअप के लिए डॉक्टर को दिखाना पड़ता है। इस वजह से उन्हें यहां रुकना पड़ता है, क्योंकि बार-बार अपने गाव या शहर जाकर वापस आना सभी के लिए आसान नहीं होता। इसलिए एम्स के बाहर फुटपाथ पर सोते मरीज दिख जाते हैं। हालांकि एम्स में पहले से दो धर्मशाला है। इसके बावजूद सुविधाएं कम पड़ रही थीं। इसलिए पावर ग्रिड कारपोरेशन ने सामाजिक दायित्व के तहत करीब 32 करोड़ की लागत से 10 मंजिला धर्मशाला का निर्माण किया है। पावर ग्रिड कारपोरेशन और एम्स के बीच इस धर्मशाला के निर्माण के लिए मार्च 2014 में करार हुआ था और वर्ष 2016 में इसे शुरू करने का लक्ष्य था। इसे अब शुरू किया जा सका। भाऊराव देवरस सेवा न्यास के संस्थापक ट्रस्टी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हैं। इस संगठन को धर्मशाला के संचालन सौंपने का मकसद उसका बेहतर रखरखाव और मरीजों व तीमारदारों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना है।

इस धर्मशाला के हर मंजिल पर सिंगल बेड का एक-एक कमरा है। चार व पांच बेड के भी कमरे बनाए गए हैं। धर्मशाला में सातवीं मंजिल तक के कमरों में मरीज और उनके तीमारदार रह सकेंगे। इस तरह इस धर्मशाला में मरीज और तीमारदारों के लिए 280 बेड की सुविधा उपलब्ध है। तीन तल एम्स ने अभी अपने पास रखा है। भाऊराव देवरस सेवा न्यास से जुड़े एक पदाधिकारी ने बताया कि धर्मशाला में ठहरने के लिए एक दिन का शुल्क 50 रुपये प्रति बेड निर्धारित किया गया है। सिंगल बेड वाले कमरे का शुल्क 10 रुपये अधिक रखा गया है।

from Dainik Jagran

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