+91 946-736-0600   |   Find us on:           

REGISTER   |    LOGIN

Latest News

होम्योपैथी से छाल रोग का बेहतर इलाज संभव

health Capsule

नई दिल्ली। त्वचा की गंभीर व वंशानुगत बीमारी छाल रोग का होम्योपैथी से बेहतर इलाज संभव है। होम्योपैथी में ऐसी दवाएं उपलब्ध हैं, जिसका कोर्स पूरा करने के बाद इस बीमारी के दोबारा होने की आशंका नहीं रहती है। बैकसन ग्रुप के सीएमडी (मुख्य प्रबंध निदेशक) डॉ. एसपीएस बक्शी ने कहा कि इस बीमारी से पीड़ित लोगों को सर्दी के मौसम में विशेष ध्यान रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इस बीमारी में त्वचा पर परतदार धब्बे पड़ जाते हैं और प्रभावित जगह पर सूखापन व सूजन हो जाती है। सामान्य तौर पर यह बीमारी 15 से 35 वर्ष की उम्र में होती है और जीवन भर बनी रहती है, लेकिन होम्योपैथी से इसका इलाज संभव है। सर्दी के मौसम, तनाव, संक्रमण, शराब व धूमपान के अधिक सेवन से बीमारी बढ़ जाती है। यह बीमारी होने पर आमतौर पर घुटने, कोहनी, सिर की त्वचा, पीठ, चेहरे, हथेली व पैरों पर धब्बे पड़ जाते हैं। वैसे शरीर के अन्य हिस्से भी इससे प्रभावित हो सकते हैं। होम्योपैथी से इलाज कराने पर मरीज की प्रतिरक्षा प्रणाली प्रभावित नहीं होती है बल्कि उसमें सुधार होता है।

from Dainik Jagran

Enquiry Form