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डॉ.शाश्वत हत्याकांड में एक लाख के इनाम की घोषणा

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नई दिल्ली। सेंट स्टीफंस अस्पताल के रेडियोलॉजिस्ट डॉ.शाश्वत हत्याकांड में आरोपी डॉक्टर सुयश की गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया गया है। पहले सितंबर में पुलिस आयुक्त अमूल्य पटनायक ने सुयश पर 50 हजार रुपये का इनाम रखा था। अब इनाम राशि बढ़ा कर दोगुनी कर दी गई है।

24 अगस्त की देर रात ड्यूटी के दौरान डॉ.सुयश ने सब्जीमंडी स्थित सेंट स्टीफंस अस्पताल के अंदर घुसकर डॉ.शाश्वत पर चाकू से वार कर उनकी हत्या कर दी थी। हत्या का तरीके दर्शा रहा था कि सुयश, शाश्वत से बहुत नफरत कर रहा था। खुन्नस में आकर उसने वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस का कहना था कि सुयश समलैंगिक है। उसकी डॉ.शाश्वत से गहरी दोस्ती थी। दोस्ती तोड़ लेने पर वह उनसे नफरत करने लगा था। दिल्ली के इस चर्चित हत्याकांड की जांच उत्तरी जिला पुलिस के अलावा क्राइम ब्रांच भी कर रही है। पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद चार माह बाद भी आरोपी डॉक्टर पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ पा रहा है। सितंबर में इनाम की राशि 50 हजार करने से पहले सब्जीमंडी थाना पुलिस ने सुयश गुप्ता के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट से गैर जमानती वारंट भी जारी करवा दिया था। पुलिस ने अब उसे भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सुयश के बारे में कोई पता नहीं चलने पर माना जा रहा है कि वह या तो घटना वाली सुबह 25 अगस्त को दिल्ली से विमान से अथवा नेपाल के रास्ते विदेश भाग गया हो। ऐसा इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि 25 अगस्त की सुबह सुयश ने अपने फेसबुक स्टेटस में लिखा था कि भारत में जब तक रहे अच्छा लगा। पुलिस अधिकारी को स्टेटस के बारे में जानकारी मिलने पर उन्होंने लुक आउट सर्कुलर (एलओसी)नोटिस जारी करवा दिया था। पुलिस यह भी मान रही है कि हो सकता है कि एलओसी खुलवाने से पहले उसने देश छोड़ दिया हो। हत्या के बाद सुयश की कार आनंद विहार बस अड्डा के निकास द्वार पर लावारिस खड़ी मिली थी। इससे माना जा रहा है कि सुयश मेट्रो पकड़ कर एयरपोर्ट आ गया हो अथवा बस पकड़कर उत्तर प्रदेश के रास्ते नेपाल भाग गया हो। सुयश के योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने व फेसबुक स्टेटस से पुलिस को शक है कि सुयश देश छोड़ चुका है। वारदात से पहले उसने अपने बैंक खातों से पांच लाख रुपये निकाल लिया था। उसने ऑनलाइन कपड़े व चाकू भी मंगवाए थे। सुयश का अता-पता नहीं चलने पर पुलिस ने उसके माता-पिता का पॉलीग्राफ टेस्ट भी करवाने की कोशिश की, किंतु मामला पेंडिंग पड़ा हुआ है। गौरतलब है कि डॉ. शाश्वत उत्तर प्रदेश के इलाहबाद के रहने वाले थे।

from Dainik Jagran

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